बाड़मेर के प्रमुख दुर्ग

सिवाणा दुर्ग (बाड़मेर) बाड़मेर जिले में स्थित सिवाणा दुर्ग चारों और से मरुस्थलिय भू भाग से घिरा छप्पन की पहाड़ियों मे सबसे ऊँचे पहाड़ी हलदेश्वर पर स्थित सुदृढ़ दुर्ग है। इस दुर्ग का निर्माण परमार वंश के प्रतापी शासक भोज… Read moreबाड़मेर के प्रमुख दुर्ग

टोंक के प्रमुख दुर्ग

ककोड़ का किला ( कनकपुर , टोंक ) टोंक से 22 किमी. दूर ककोड़ का प्राचीन नाम कनकपुर था। यह एक पहाड़ी पर स्थित सुदुढ दुर्ग अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है और प्राचीनकाल में यह कनकगढ कहलाता था। 1857 में निमच… Read moreटोंक के प्रमुख दुर्ग

बांरा के प्रमुख दुर्ग

शाहबाद का किला ( बांरा ) बांरा जिले के मुख्यालय से 80 किमी. दूर शाहबाद कस्बे में एक पहाड़ी पर स्थित शाहबाद दुर्ग अपनी दुर्गमता के लिए रणथम्भौर के पश्चात दूसरे स्थान पर माना जाता है। यह राज्य का दूसरा… Read moreबांरा के प्रमुख दुर्ग

नागौर के प्रमुख दुर्ग

1. नागौर किला 2. कुचामण का किला 3. मालकोट दुर्ग 4. खीव सर दुर्ग नागौर का किला ( नागौर ) अहिछत्रपुर / नागा दुर्ग महाभारत काल में नागौर क्षेत्र अहिछत्रपुर कहलाता था। इस क्षेत्र पर लगभग 2000 वर्ष तक नागा… Read moreनागौर के प्रमुख दुर्ग

जूनागढ दुर्ग ( बीकानेर )

जूनागढ दुर्ग ( बीकानेर ) लाल किला जूनागढ दुर्ग का निर्माण बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह ने करवाया था। रायसिंह ने 1588 में इस दुर्ग कि नीव रखी थी। और लगभग 5 वर्षों में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ बाद… Read moreजूनागढ दुर्ग ( बीकानेर )

झालावाड़ के प्रमुख दुर्ग

1. मनोहर थाना दुर्ग (झालावाड़) झालावाड़ जिले में परवर नदी और कालीखाड नदियों के संगम पर स्थित इस जलदुर्ग का निर्माण कोटा के महाराज भीम सिंह ने करवाया था यह राज्य का चौथा प्रमुख जल दुर्ग है। परवन नदी के… Read moreझालावाड़ के प्रमुख दुर्ग

जयपुर के प्रमुख दुर्ग

नहार गढ (जयपुर) सुदर्शनगढ / जयपुर का मुकुट   जयपुर नगर से लगभग 4.5 किमी. दूर अरावली श्रृंखला के एक उच्च शिखर पर स्थित नहारगढ अपनी विशिष्ट स्थिती के कारण जयपुर नगर के मुकुट के सदुश्य दिखाई देता है। नहारगढ… Read moreजयपुर के प्रमुख दुर्ग

कोटा दुर्ग ( कोटा)

कोटा दुर्ग ( कोटा) कोटा स्थित दुर्ग कोटा शहर में चम्बल नदी के किनारे अवस्थित है। और गढ़ की अपेक्षा कोटा के शासकों के महल के रूप में अधिक जाना जाता है। कोटा दुर्ग प्राचीन भारतीय और मुगल स्थापत्य शैली… Read moreकोटा दुर्ग ( कोटा)

तीमनगढ दुर्ग ( करौली )

त्रिभुवनगढ / तवनगढ / तीमनगढ दुर्ग ( करौली ) करौली जिलें से 23 किमी. दूर 1309 फिट ऊँचे एक पर्वतशिखर पर स्थित इस दुर्ग का निर्माण यंदुवशीय राजा के पुत्र त्रिभुवनपाल ने 11 वी. शताब्दी के अन्त में करवाया था। 1195… Read moreतीमनगढ दुर्ग ( करौली )

डीग का किला ( भरतपुर )

डीग का किला ( भरतपुर ) भरतपुर से 32 किमी दुर जलमहलों की नगरी के नाम से विख्यात है। डीग के किले का निर्माण 1730 में जाट राजा बदन सिंह ने करवाया था। यह भूमि दुर्ग है। अत: इसकी सुरक्षा… Read moreडीग का किला ( भरतपुर )